हाल ही में पीएसएलवी-सी9 (Polar Satellite Launch Vehicle : PSLV-C9) राकेट के जरिये एक साथ 10 उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने से उत्साहित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (Indian space Research Organisation - ISRO) के वैज्ञानिकों ने इसी वर्ष की तीसरी तिमाही मे चन्द्रमा पर 'चन्द्रयान-1' नाम के एक अंतरिक्ष यान को भेजने की योजना तैयार की है। इस यान में कोई भी यात्री चन्द्रमा की यात्रा पर नहीं जायेगा। यानी अभी ये यान मानवरहित होगा।
इस अभियान का उद्देश्य चन्द्रमा से विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ, रासायनिक तत्व लाकर उनका अध्ययन करना तथा पूरे चन्द्रमा की सतह का हाई-रिजोल्यूशन वाला तीन आयामी मानचित्रीकरण करना है। पीएसएलवी राकेट के जरिये इस चन्द्रयान पहले पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया जायेगा और इसके बाद इस चन्द्रयान का खुद का प्रक्षेपण सिस्टम इसे चन्द्रमा के पास ले जायेगा। इस चन्द्रयान का जीवन काल 2 साल का है। ये यान चन्द्रमा की सतह से 100 किलोमीटर ऊपर उसकी कक्षा में रहेगा।
इस अभियान से सफल होने से निसंदेह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की न केवल ख्याति बढ़ेगी बल्कि भारत का नाम भी रोशन होगा। हमें दुआ करनी चाहिये कि ये चन्द्रयान सफलतापूर्वक अपना काम करे और भारत के वैज्ञानिकों की उपलब्धियों में एक और उपलब्धि जुड़े।
इस अभियान की सभी जानकारी इसरो की वेबसाइट पर यहां उपलब्ध है। (सभी चित्र इसरो की साइट से)






सुखद और परेशान करने वाले अनुभवों से गुजरना पड़ा। यों मां बनना एक बहुत ही सुखद और भावनात्मक अनुभव है जिसको शब्दों में लिखा नहीं जा सकता है, सिर्फ उसको अनुभव किया जा सकता है। बच्चों की परवरिश के दौरान भी मां-बाप को कई प्रकार की खट्टी-मीठी स्थितियों से गुजरना पड़ता है। बच्चा पैदा होते ही सबसे पहले ससुराल और मायके वाले किसी न किसी रुप में बच्चे की शक्ल अपने किसी संबंधी से मिलाने बैठ जाते हैं। बच्चे की शक्ल अपने पक्ष के लोगों से मिलाकर एक दूसरे पर श्रेष्ठता सिद्ध की जाती है। नाक बुआ से मिलती है, आंखें मौसी पर गई हैं, शक्ल चाचा से मिलती है आदि आदि टिप्पणियां सुनाई देती हैं। इसके बाद बच्चे के नाम को लेकर मां-बाप को अनेक सुझाव दिये जाते है।
ते हैं जब बच्चा पहली बार मुस्कराता है, पहली बार पलटता है, पहली बार जबाव देकर हंसता है, पहली बार घुटनों के बल चलता है, पहली बार चलता है, पहली बार बोलता है पहली बार स्कूल जाता है इत्यादि। जब बच्चा पहली बार पलट कर गिर जाता (पलंग से या कहीं और जगह) तब बहुत ही दुख होता है। अक्सर बच्चे रातों को मां-बाप को जगाते हैं, ढंग से नींद पूरी नहीं हो पाती है। सुबह ऑफिस जाना है लकिन बच्चे ने रो रोकर जान आफत में की होती है। कुछ लक्षण देखिये - शायद आप भी इनसे गुजरे होंगे, नहीं गुजरे हैं तो बच्चे होने पर आप स्वयं अनुभव कर लेंगे।