Tuesday, 28 August, 2007

ओरकुट वाले नहीं सुधरेंगे

अभी मुंबई के अदनान की हत्या से चर्चा में आये ओरकुट का विवाद थमा ही नहीं था कि अब एक और विवाद ने जन्म ले लिया है। यह विवाद है उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के बारे में ओरकुट पर भद्दी और अश्लील टिप्पण्यों और प्रोफाइल का बनाया जाना। इस प्रकार उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के नाम से बनाई गई आपत्तिजनक प्रोफाइल को लेकर गूगल की सोशल नेटवर्किग वेबसाइट ओरकुट एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है।

ओरकुट साइट पर मुख्यमंत्री मायावती के नाम से बनाई गई प्रोफाइल के इंट्रोडक्शन कॉलम में उनकी सामाजिक व व्यक्तिगत संबंधों, आदतों व शौक के बारे में आपत्तिजनक व अश्लील टिप्पणियां लोड की गई हैं। एक प्रोफाइल में मुख्यमंत्री मायावती के नाम 36 स्क्रैप किए गए हैं और इनमें भी कई टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक हैं। ओरकुट पर मुलायम-मायावती नाम से भी एक प्रोफाइल बनाई गई है। हालांकि इसमें कोई स्क्रैप या फोटो नहीं है लेकिन इसके प्रोफाइल के शीर्षक चित्र के कॉलम में अश्लील शब्द का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा इस वेबसाइट पर आई हेट मायावती नाम से भी प्रोफाइल बनाई गई है। राज्य सरकार के अनुसार तथ्यों की जांच के लिए मामले की पड़ताल की जाएगी।

ओरकुट शिवाजी कम्यूनिटी, दिल्ली में स्कूल की छात्रा की प्रोफाइल के शीर्षक फोटो कालम में अश्लील चित्र लगाने के मामले और एक एअर लाइंस की महिला कर्मचारी के बारे में अश्लील जानकारी देने को लेकर भी चर्चा में रह चुकी है।

ऐसा लगता है कि ओरकुट के यूजर सुधरने वाले नहीं हैं। हालांकि किसी तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर उस तकनीक को दोष नहीं दिया जा सकता है। लेकिन लगता है कि ओरकुट का विवादों के साथ चोली-दामन का साथ है। ओरकुट पर ये सब करने वाले ये नहीं सोचते कि इससे ओरकुट की बदनामी तो है ही, साथ ही ओरकुट पर जो अच्छी जानकारी वाले लोग कम्युनिटी बनाते है वो भी संदेह के घेरे में आ जाते हैं। अगर कल को किसी राज्य सरकार ने या केन्द्र सरकार ने ओरकुट को बैन कर दिया तो लोग ओरकुट की अच्छी बातों से भी हाथ धो बैठेंगे। ऐसे में जरुरत इंटरनेट प्रयोक्तयों खासकर ओरकुट के यूजर द्वारा ऐसे लोगों की पहचान करना जरुरी है। ऐसे लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में बचने की छूट नहीं दी जा सकती क्योकि ये लोग दूसरों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी अंत करवा देंगे। मुझे लगता है कि ओरकुट के सिरफिरे यूजर सुधरने वाले नहीं हैं।

4 टिप्पणी:

Sanjeet Tripathi said...

सही!!

कृपया इस पर भी एक नज़र डाल लें

http://sanjeettripathi.blogspot.com/2007/07/blog-post_23.html

Udan Tashtari said...

सच कह रही हैं.

तीन दिन के अवकाश (विवाह की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में) एवं कम्प्यूटर पर वायरस के अटैक के कारण टिप्पणी नहीं कर पाने का क्षमापार्थी हूँ. मगर आपको पढ़ रहा हूँ. अच्छा लग रहा है.

Basant Arya said...

इसमें आर्कुट वालों का क्या दोष है भाई. ये तो हमारी आपकी गन्दी मानसिकता का मामला है. ओरकुट पर नहीं तो कही और सही

संजय बेंगाणी said...

अगर कोई अपराधी किसी खास ब्राण्ड के वाहन का उपयोग करते है तब उस ब्राण्ड का क्या दोष? अगर ऑरकूट पर बैन की सोची जाती है तो यह दूर्भाग्यपूर्ण व बेवकूफी ही मानी जाएगी.
कुछ गलत दिखता है तो शिकायत करें.

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