Friday, 15 June, 2007

महिलाओं को भा रहा है शेयर बाजार

भाषा की एक खबर के अनुसार अब महिलायें शेयर बाजार में काफी भाग ले रही हैं। वो दिन लद गए जब महिलाओं की आपसी चर्चा का एक बहुत बड़ा हिस्सा साड़ी की डिजाइन व पड़ोसियों की चाल-ढाल को समर्पित रहता था। कभी पति के सामने सिर्फ सास व ननद की आदतों की बुराई करने वाली महिलाएं अब इस दायरे से बाहर निकल कर शेयर बाजारों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही हैं। जाहिर है आईपीओ, डीमैट एकाउंट व सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव अब भारतीय महिलाओं की परिचर्चाओं का अहम हिस्सा बन चुका है। महिलाओं के साथ छात्र भी निवेश की कला से पैसा कमाने की जुगत भिड़ाना सीख गए हैं। तभी तो इन लोगों के लिए शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बोरियत का विषय नहीं, बल्कि आय बढ़ाने का माध्यम बन गया है। घरेलू महिलाओं में निवेश के प्रति जागरूकता पैदा करने का श्रेय बिजनेस चैनलों को जाता है। अगर 50 प्रतिशत घरेलू महिलाएं टेलीविजन पर सास-बहू के धारावाहिक देखती हैं तो 50 फीसदी ऐसी भी हैं जो अर्थव्यवस्था से संबंधित कार्यक्रमों में दिलचस्पी ले रही हैं।

इसके अलावा महिलाओं का शेयर बाजार में बड़ी संख्या में भाग लेना इंटरनेट के ब्राडबैंड कनेक्शन के सुलभ और सस्ते रुप में उपलब्ध होने से भी संभव हुआ है। अब आम तौर पर भारतीय मध्यमवर्गीय परिवारों में बच्चों की पढ़ाई के लिये कंप्यूटर खरीदा जाता है। इसी कंप्यूटर पर अब ब्रॉडबैंड कनेक्शन ने इंटरनेट के द्वारा शेयर की खरीद-फरोख्त को आसान कर दिया है। बड़ी संख्या में महिलायें खास कर गृहणियां अपने काम से फुर्सत निकाल कर शेयर की खरीदा-बेची करती हैं।

मेरी कई पड़ोसने अब यह काम अपने घर से करती हैं। कई बार तो हम लोग आपस में बातचीत में शेयर बाजार की बातें भी करती हैं। कई महिलायें महीने में इतना पैसा कमा लेती हैं कि जितना उन्हें नौकरी में नहीं मिलता।

2 टिप्पणी:

Shrish said...

बहुत दिनों बाद लिखा मनीषा जी।

ये सुखद खबर कि जहाँ हमारे लिए शेयर बाजार काला अक्षर भैंस बराबर है वहीं कई महिलाएं इसमें भाग ले रही हैं। :)

panditji said...

eमनीष्ाजी आप बराबर िलख्ाते रहो। व्यावसाियक हलचल में मिहलाआें की हलचल बढी है यह अच्छी सत्य है। घ्रर का बजट चलाने वाली को कम्पनी के बारे में शेयर के बारे में अच्छा ज्ञान हो सकता है। कई कम्पनीयों में मिहलाएं िवत्तीय सलाहकार के रूप् में काम कर रही है

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